फ़ार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र)
संक्षेप में
- फ़ार्मर आईडी 11 अंकों की पहचान है, जो आपके आधार को ज़मीन के रिकॉर्ड से जोड़ती है। हर किसान की एक ही बनती है, ज़िंदगी भर के लिए।
- जिन 19 राज्यों में फ़ार्मर रजिस्ट्री शुरू हो गई है, वहाँ पीएम किसान के नए रजिस्ट्रेशन के लिए यह ज़रूरी है।
- जिन्हें पहले से पैसा मिल रहा है, उन्हें अभी इसकी ज़रूरत नहीं। पर दूसरी योजनाएँ भी धीरे-धीरे इससे जुड़ रही हैं।
- इसे अपने राज्य की फ़ार्मर रजिस्ट्री वेबसाइट पर खुद बनाएँ, या CSC या गाँव के कैंप में बनवाएँ।
फ़ार्मर आईडी क्या है?
फ़ार्मर आईडी (जिसे किसान पहचान पत्र भी कहा जाता है) किसान की एक डिजिटल पहचान है। इसमें आपका आधार और आपकी ज़मीन का रिकॉर्ड आपस में जुड़ जाते हैं। यह केंद्र सरकार के एग्रीस्टैक (AgriStack) के तहत बनती है, पर हर राज्य अपनी फ़ार्मर रजिस्ट्री खुद चलाता है और उसका डेटा राज्य के पास रहता है।
यह 11 अंकों का नंबर होता है, और हर किसान का एक ही बनता है, चाहे उसकी ज़मीन अलग-अलग राज्यों में हो। एक बार बनने के बाद यह ज़िंदगी भर चलता है। इसे आधार और ज़मीन के रिकॉर्ड (खतौनी, जमाबंदी आदि) को मिलाकर बनाया जाता है।
सरकार के अनुसार अगस्त 2026 तक देश में 10 करोड़ से ज़्यादा फ़ार्मर आईडी बन चुकी थीं।
फ़ार्मर आईडी और फ़ार्म आईडी अलग हैं। फ़ार्मर आईडी किसान की पहचान है (11 अंक)। फ़ार्म आईडी ज़मीन के एक टुकड़े की पहचान है (14 अक्षर, राज्य के कोड से शुरू)।
क्या पीएम किसान के लिए फ़ार्मर आईडी ज़रूरी है?
सरकार ने मार्च 2026 में संसद में बताया:
“किसान पहचान पत्र केवल उन 19 राज्यों में पीएम-किसान योजना के अंतर्गत नए पंजीकरण के लिए अनिवार्य किया गया है, जहां किसान पंजीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। जिन राज्यों में किसान पंजीकरण का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है, वहां किसान बिना किसान पहचान पत्र के पंजीकरण करा सकते हैं।”
आसान शब्दों में:
- नया रजिस्ट्रेशन करना है और आपके राज्य में फ़ार्मर रजिस्ट्री शुरू हो चुकी है, तो पीएम किसान के नए रजिस्ट्रेशन के लिए फ़ार्मर आईडी चाहिए।
- जो किसान पहले से पैसा पा रहे हैं, सरकार के अनुसार उनके लिए फ़ार्मर आईडी अभी ज़रूरी नहीं है। अक्टूबर 2026 की 24वीं क़िस्त के लिए सरकार ने तीन ही शर्तें बताईं: लैंड सीडिंग, आधार–बैंक सीडिंग और ई-केवाईसी।
फिर भी फ़ार्मर आईडी बनवा लेना अच्छा रहेगा, क्योंकि सरकार की खेती से जुड़ी दूसरी योजनाएँ भी धीरे-धीरे इसी से जुड़ रही हैं। “फ़ार्मर आईडी नहीं बनाई तो क़िस्त बंद” जैसी बातों पर तभी भरोसा करें जब सरकार खुद बताए।
फ़ार्मर आईडी बनवाने के तीन तरीके
| तरीका | कहाँ | किसके लिए ठीक |
|---|---|---|
| खुद ऑनलाइन | अपने राज्य की फ़ार्मर रजिस्ट्री वेबसाइट या ऐप | जिनका मोबाइल आधार से जुड़ा है |
| CSC से | जन सेवा केंद्र | जिन्हें ऑनलाइन करना मुश्किल लगे |
| कैंप या अधिकारी से | गाँव के कैंप, ब्लॉक या तहसील का दफ़्तर, कृषि सहायक | जिनके पास मोबाइल नहीं है |
खुद ऑनलाइन फ़ार्मर आईडी कैसे बनाएँ
हर राज्य की फ़ार्मर रजिस्ट्री की वेबसाइट का पता एक ही ढंग का है: [राज्य का कोड]fr.agristack.gov.in। कुछ राज्यों की वेबसाइट:
| राज्य | वेबसाइट |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | upfr.agristack.gov.in (हेल्पलाइन 0522 2317003) |
| बिहार | bhfr.agristack.gov.in |
| राजस्थान | rjfr.agristack.gov.in |
| महाराष्ट्र | mhfr.agristack.gov.in |
| गुजरात | gjfr.agristack.gov.in |
| छत्तीसगढ़ | cgfr.agristack.gov.in |
| हरियाणा | hrfr.agristack.gov.in |
| मध्य प्रदेश | mpfr.agristack.gov.in |
नीचे उत्तर प्रदेश की वेबसाइट के हिसाब से तरीका है। बाकी राज्यों में भी तरीका लगभग यही है:
- अपने राज्य की फ़ार्मर रजिस्ट्री वेबसाइट खोलें। Login as में Farmer चुनें।
- पहली बार है, तो Create New User Account दबाएँ।
- आधार नंबर डालें, सहमति पर सही का निशान लगाएँ, और आधार से जुड़े मोबाइल पर आया OTP भरें। फिर अपना पासवर्ड बनाएँ।
- मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें और Register as Farmer चुनें।
- अपना अभी का पता भरें।
- Fetch Land Details से अपनी ज़मीन खोजें: ज़मीन का एक खसरा / सर्वे नंबर डालें, और मालिकों की सूची में से अपना नाम चुनें।
- ज़मीन अपने आप न दिखे, तो ज़िला, तहसील, गाँव और खसरा / सर्वे नंबर खुद भरें। फिर अपनी सारी ज़मीनें जाँचें (Verify All Lands)।
- आख़िर में आधार OTP से ई-साइन (Farmer eSign) करके सहमति दें और जमा करें।
खुद ऑनलाइन करने पर कोई कागज़ अपलोड नहीं करना होता, क्योंकि आधार और ज़मीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन ही जाँचा जाता है। जमा करते ही एक Enrolment ID मिलती है, जो SMS से भी आती है। राजस्व या कृषि विभाग की मंज़ूरी के बाद आपकी फ़ार्मर आईडी बनती है।
CSC, सहायक या कैंप से रजिस्ट्रेशन हुआ था और अब खुद लॉगिन करना है, तो भी पहले Create New User Account से अपना खाता चालू करना होगा।
फ़ार्मर आईडी का स्टेटस कैसे देखें
- अपने राज्य की फ़ार्मर रजिस्ट्री वेबसाइट पर ऊपर Check Enrollment Status खोलें।
- Aadhaar Number या Farmer Id चुनें और नंबर डालें।
- आधार से जुड़े मोबाइल पर आया OTP भरें। आवेदन की स्थिति दिख जाएगी।
बनी हुई फ़ार्मर आईडी और अपनी जानकारी देखने के लिए उसी वेबसाइट पर View Farmer Details है, जो आधार नंबर और OTP से खुलता है। कार्ड छपकर मिलेगा या नहीं, यह हर राज्य खुद तय करता है।
फ़ार्मर आईडी क्यों अटकती है
| दिक्कत | क्या करें |
|---|---|
| आधार और ज़मीन के रिकॉर्ड में नाम अलग | नाम ज़्यादा अलग हो, तो आवेदन अधिकारी की जाँच में जाता है या रद्द होता है। ज़मीन के रिकॉर्ड या आधार में नाम ठीक करवाएँ। नाम सुधार देखें। |
| ज़मीन अभी भी पिता या दादा के नाम | पहले तहसील में वरासत / दाखिल-खारिज करवाकर ज़मीन अपने नाम करवाएँ। विरासत वाली ज़मीन देखें। |
| ज़मीन बेचने वाले के नाम ही दर्ज है | खरीदी ज़मीन का नामांतरण (म्यूटेशन) पूरा करवाएँ। |
| मालिकों की सूची में अपना नाम नहीं | उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर “मेरा नाम मालिकों की सूची में नहीं है” वाले विकल्प से भूलेख से ज़मीन जोड़ें, या लेखपाल से मिलें। |
| साझी ज़मीन (बँटवारा नहीं हुआ) | साझे मालिक सब अपनी-अपनी फ़ार्मर आईडी के लिए उसी ज़मीन पर दावा कर सकते हैं। |
| OTP नहीं आ रहा | मोबाइल आधार से नहीं जुड़ा, या आधार का सर्वर धीमा है। थोड़ी देर बाद कोशिश करें, या CSC से करवाएँ। |
फ़ार्मर आईडी में बाद में बदलाव करना हो, तो राज्य की वेबसाइट पर Update Farmer Request जैसा विकल्प होता है। शिकायत के लिए वहीं Farmer Grievance है।
आम सवाल
फ़ार्मर आईडी बनवाने के पैसे लगते हैं?
खुद ऑनलाइन बनाने में आमतौर पर कोई फ़ीस नहीं लगती। CSC पर छोटा सेवा शुल्क लग सकता है, हालाँकि कुछ राज्यों में यह शुल्क सरकार खुद भर रही है। कैंप या CSC पर कोई ज़्यादा पैसे माँगे, तो ब्लॉक के कृषि कार्यालय को बताएँ।
पीएम किसान की क़िस्त पहले से आ रही है, क्या फ़ार्मर आईडी बनानी होगी?
सरकार के अनुसार अभी ज़रूरी नहीं है, यह सिर्फ़ नए रजिस्ट्रेशन के लिए ज़रूरी है। पर बनवा लेना ठीक रहेगा, ताकि आगे कोई नियम बदले तो दिक्कत न हो।
किराये या बटाई पर खेती करने वाले बनवा सकते हैं?
फ़ार्मर आईडी ज़मीन के रिकॉर्ड पर बनती है, इसलिए अभी यह मुख्य रूप से ज़मीन मालिकों के लिए है। कुछ राज्य बटाईदार किसानों को भी जोड़ रहे हैं। अपने राज्य के कृषि विभाग से पूछें।
मंज़ूरी के कितने दिन बाद फ़ार्मर आईडी मिलती है?
आवेदन मंज़ूर होने के करीब एक दिन बाद फ़ार्मर आईडी बन जाती है। मंज़ूरी में कितना समय लगेगा, यह आपके ज़मीन के रिकॉर्ड और राज्य पर निर्भर है।
क्या यह सरकारी वेबसाइट है?
नहीं। किसान क़िस्त मेरी अपनी वेबसाइट है। आपके रिकॉर्ड सरकार के पास हैं, और उन्हें सिर्फ़ सरकार ही ठीक कर सकती है।
जानकारी का स्रोत: पीआईबी (pib.gov.in), agristack.gov.in, राज्यों की फ़ार्मर रजिस्ट्री वेबसाइटें