पीएम किसान: स्टेटस, लाभार्थी सूची और क़िस्त
पीएम किसान क्या है?
पीएम किसान (प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि) केंद्र सरकार की योजना है, जो 1 दिसंबर 2018 से चल रही है। इसका पूरा पैसा केंद्र सरकार देती है, और राज्य सरकार तय करती है कि कौन किसान परिवार इसके योग्य है।
इसमें योग्य किसान परिवारों को साल में ₹6,000 मिलते हैं। यह पैसा ₹2,000 की तीन क़िस्तों में सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है (DBT)। योजना उन परिवारों के लिए है जिनके नाम खेती की ज़मीन है। यहाँ परिवार का मतलब है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे, और एक परिवार में पैसा एक ही व्यक्ति को मिलता है।
साल में तीन क़िस्त, कुल ₹6,000
क़िस्त की जानकारी
पिछली क़िस्त
24वीं क़िस्त
जारी हो चुकी
30 अक्टूबर 2026 को जारी हुई
अगली क़िस्त
25वीं क़िस्त
तारीख अभी तय नहीं
दिसंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच आनी है। तारीख अभी तय नहीं हुई।
क़िस्तें साल के तीन हिस्सों में आती हैं: अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवंबर, और दिसंबर से मार्च। हर हिस्से में एक क़िस्त आती है, और उसकी तारीख सरकार हर बार अलग से बताती है। पिछली चार क़िस्तें:
| क़िस्त | तारीख | कहाँ से जारी हुई |
|---|---|---|
| 24वीं | 30 अक्टूबर 2026 | बनासकांठा, गुजरात |
| 23वीं | 20 जून 2026 | तारकेश्वर, पश्चिम बंगाल |
| 22वीं | 13 मार्च 2026 | गुवाहाटी, असम |
| 21वीं | 19 नवंबर 2025 | कोयंबटूर, तमिलनाडु |
क़िस्त आने पर बैंक से SMS आता है। SMS न आए, तो पासबुक में एंट्री करवाकर या स्टेटस में देख सकते हैं। पिछली दस क़िस्तों की तारीखें और अगली क़िस्त से पहले की ज़रूरी जाँच अगली क़िस्त वाले पेज पर है।
पीएम किसान स्टेटस कैसे देखें
स्टेटस पीएम किसान की सरकारी वेबसाइट pmkisan.gov.in पर देखा जाता है। इसके लिए दो चीज़ें चाहिए: आपका रजिस्ट्रेशन नंबर, और वह मोबाइल जो पीएम किसान में दिया था, क्योंकि OTP उसी पर आता है।
- pmkisan.gov.in खोलें और Farmers Corner में Know Your Status पर दबाएँ।
- Enter Registration No. वाले बॉक्स में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
- तस्वीर में दिखे अक्षर Captcha Code में भरें और Get OTP दबाएँ।
- मोबाइल पर आया OTP डालें। आपका पूरा स्टेटस खुल जाएगा।
कैप्चा के अक्षर ठीक वैसे ही भरें जैसे दिखें, छोटे और बड़े (a और A) का ध्यान रखकर। अक्षर साफ़ न दिखें, तो पास वाले गोल तीर से नया कैप्चा ले लें।
स्टेटस में क्या-क्या दिखता है
स्टेटस खुलने पर सबसे ऊपर आपकी जानकारी होती है: नाम, राज्य, ज़िला, गाँव, बैंक और रजिस्ट्रेशन की तारीख। इसमें कोई गलती दिखे, तो उसे जल्दी ठीक करवा लें।
उसके नीचे Eligibility Status में तीन चीज़ें होती हैं, और हर एक के आगे Yes या No लिखा होता है: Land Seeding, eKYC Status और Aadhaar Bank Account Seeding Status। इनमें से एक भी No हो, तो क़िस्त रुक जाती है।
सबसे नीचे हर क़िस्त की स्थिति और तारीख होती है, और यह भी कि पैसा किस बैंक खाते में गया।
स्टेटस के मैसेज का मतलब
हर क़िस्त आपके खाते तक इन चार कदमों से पहुँचती है। स्टेटस का मैसेज बताता है कि आपकी क़िस्त अभी किस कदम पर है:
- राज्य की जाँचPending / Waiting for approval
- राज्य की मंज़ूरीRFT Signed by State
- पैसे भेजने का आदेशFTO Generated
- खाते में पैसाPayment Success
क़िस्त के आगे अंग्रेज़ी में एक छोटा मैसेज लिखा होता है। इनका मतलब यह है:
| मैसेज | मतलब |
|---|---|
| Payment Success | पैसा आपके बैंक खाते में भेज दिया गया है। बैंक का SMS या पासबुक देखें। |
| FTO Generated | सरकार ने पैसे भेजने का आदेश (Fund Transfer Order) बना दिया है। पैसा रास्ते में है, अक्सर कुछ दिनों में खाते में आ जाता है। अगर साथ में “Payment confirmation is pending” लिखा है, तो भी यही मतलब है। |
| RFT Signed by State | राज्य सरकार ने आपका रिकॉर्ड जाँचकर पैसे भेजने की मंज़ूरी (Request for Transfer) दे दी है। इसके बाद FTO बनता है। |
| Pending / Waiting for approval by State | आपका रिकॉर्ड अभी राज्य सरकार की जाँच में है। जाँच पूरी होने तक इंतज़ार करें। ज़्यादा दिन हो जाएँ तो ब्लॉक या ज़िले के कृषि कार्यालय में पता करें। |
| Rejected | राज्य ने आवेदन या क़िस्त रद्द कर दी है। वजह अक्सर साथ में लिखी होती है, जैसे आधार और नाम का मेल न खाना, ज़मीन के कागज़ में कमी, या योजना के नियमों में न आना। वजह ठीक करवाने के लिए ब्लॉक या ज़िले के कृषि कार्यालय जाएँ। |
| Payment Failed | पैसा भेजा गया, पर खाते में नहीं पहुँचा। आमतौर पर खाता बंद होने, या आधार के बैंक खाते से न जुड़े होने से ऐसा होता है। अपने बैंक जाकर इसे ठीक करवाएँ। तरीका आधार–बैंक सीडिंग वाले पेज पर है। |
| Temporarily withheld | जाँच पूरी होने तक पैसा रोका गया है। pmkisan.gov.in के अनुसार ऐसा उन मामलों में हो रहा है जिनमें ज़मीन 01-02-2019 के बाद नाम हुई, या परिवार के एक से ज़्यादा लोग पैसा ले रहे हैं (जैसे पति और पत्नी दोनों)। |
वेबसाइट पर मैसेज के शब्द थोड़े अलग हो सकते हैं। ऊपर उनका आम मतलब लिखा है।
रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पता?
Know Your Status वाले पेज पर ऊपर Know Your Registration No. बटन है। वहाँ मोबाइल नंबर या आधार नंबर डालकर, OTP से अपना रजिस्ट्रेशन नंबर पता कर सकते हैं। पूरा तरीका यहाँ देखें।
रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाए, तो उसे कहीं लिखकर रख लें। हर बार स्टेटस देखने में यही काम आता है।
क़िस्त के लिए 3 ज़रूरी चीज़ें
रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी क़िस्त तभी आती है, जब ये तीनों पूरी हों। स्टेटस में तीनों के आगे Yes होना चाहिए:
लैंड सीडिंग
लैंड सीडिंग का मतलब है कि राज्य के भूमि रिकॉर्ड (खतौनी, खसरा, जमाबंदी) में आपकी ज़मीन, पीएम किसान के आपके रिकॉर्ड से जुड़ गई है। इससे पक्का होता है कि ज़मीन सच में आपके नाम है। यह काम राज्य सरकार का कृषि और राजस्व विभाग करता है।
यह स्टेटस में Eligibility Status के अंदर Land Seeding के आगे दिखता है। वहाँ Yes है, तो इस तरफ़ से सब ठीक है।
No है, तो इसे ऐसे ठीक करवाएँ:
- अपनी ज़मीन के ताज़ा कागज़ (खतौनी या जमाबंदी की नकल), आधार कार्ड और रजिस्ट्रेशन नंबर साथ रखें।
- ब्लॉक या तहसील के कृषि कार्यालय जाएँ, या अपने हल्का पटवारी / लेखपाल से मिलें।
- बताएँ कि पीएम किसान में लैंड सीडिंग No है, और कागज़ जमा करें।
- कुछ हफ़्तों बाद स्टेटस फिर देखें। Yes होने के बाद आने वाली क़िस्त मिलती है।
ज़मीन के कागज़ में नाम, आधार के नाम से अलग लिखा हो, तो लैंड सीडिंग अक्सर अटकती है। ऐसे में पहले भूमि रिकॉर्ड में नाम ठीक करवाना पड़ता है।
किस राज्य में ज़मीन का कागज़ किस नाम से जाना जाता है, और विरासत वाली ज़मीन में क्या करें, यह सब लैंड सीडिंग वाले पेज पर विस्तार से है।
आधार–बैंक (NPCI) सीडिंग
पीएम किसान का पैसा आधार के ज़रिए भेजा जाता है। इसके लिए आपका आधार किसी बैंक खाते से NPCI में DBT के लिए जुड़ा होना चाहिए। सिर्फ़ बैंक में आधार की फ़ोटोकॉपी देना काफ़ी नहीं है, खाता DBT के लिए चालू होना चाहिए।
सीडिंग हुई या नहीं, यह दो जगह देख सकते हैं:
- पीएम किसान के स्टेटस में Aadhaar Bank Account Seeding Status देखें।
- आधार की सरकारी वेबसाइट myaadhaar.uidai.gov.in पर आधार और OTP से लॉगिन करें और Bank Seeding Status खोलें। वहाँ दिखेगा कि आपका आधार किस बैंक से जुड़ा है।
सीडिंग करवाने के लिए:
- आधार कार्ड और पासबुक लेकर उस बैंक की शाखा जाएँ जिसमें पैसा लेना है।
- आधार सीडिंग / DBT (NPCI) के लिए फ़ॉर्म भरें और सहमति दें।
- कुछ दिन बाद ऊपर बताए तरीके से स्टेटस देखें।
आधार कई खातों से जुड़ा हो, तो DBT का पैसा उसी खाते में आता है जो NPCI में सबसे आख़िर में जोड़ा गया। पैसा किसी दूसरे खाते में जा रहा हो, तो यही वजह हो सकती है। डाकघर के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) में आधार से खाता खुलवाकर भी DBT ले सकते हैं।
बैंक, NPCI के BASE पोर्टल और डाकघर से सीडिंग करवाने का पूरा तरीका आधार–बैंक सीडिंग वाले पेज पर है।
क़िस्त नहीं आई? ये हैं आम वजहें
- ई-केवाईसी नहीं हुई है। स्टेटस में eKYC Status के आगे No दिखेगा। ई-केवाईसी करवाएँ।
- लैंड सीडिंग बाकी है। ज़मीन का रिकॉर्ड अभी पीएम किसान से नहीं जुड़ा। क्या करें, यहाँ देखें।
- आधार बैंक से नहीं जुड़ा, या जो खाता जुड़ा है वह बंद हो चुका है। NPCI सीडिंग करवाएँ।
- आवेदन जाँच में है या रद्द हो गया। तब स्टेटस में Pending या Rejected लिखा होता है। ब्लॉक के कृषि कार्यालय में वजह पूछें।
- क़िस्त जाँच के लिए रोकी गई है। ज़मीन 01-02-2019 के बाद नाम हुई हो, या परिवार में दो लोग पैसा ले रहे हों, तो जाँच पूरी होने तक क़िस्त रुकी रहती है।
पहले अपना स्टेटस देखें। ज़्यादातर बार वजह वहीं लिखी मिल जाती है। आधार, बैंक और ज़मीन के रिकॉर्ड में नाम अलग-अलग लिखा होना भी एक बड़ी वजह है, इसके लिए नाम सुधार देखें। सब ठीक होने पर भी पैसा न आए, तो शिकायत करें।
मोबाइल नंबर बदल गया है?
स्टेटस का OTP पीएम किसान में दिए मोबाइल पर आता है। नंबर बदल गया हो, तो pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में Update Mobile Number से नया नंबर जोड़ें। अच्छा रहेगा कि नया नंबर आधार से भी जुड़ा हो, ताकि ई-केवाईसी का OTP भी उसी पर आए।
मदद कहाँ मिलेगी
- पीएम किसान हेल्पलाइन: 155261 या 011-24300606
- शिकायत: pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में Helpdesk - Query Form
- किसान ई-मित्र: पीएम किसान की वेबसाइट और ऐप में सरकार का चैटबॉट, जो हिंदी में भी सवालों के जवाब देता है।
- पास का दफ़्तर: ब्लॉक या ज़िले का कृषि कार्यालय, या अपना जन सेवा केंद्र (CSC)
आम सवाल
कितना पैसा मिलता है?
साल में ₹6,000, जो ₹2,000 की तीन क़िस्तों में आता है।
अगली क़िस्त कब आएगी?
25वीं क़िस्त दिसंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच आनी है। तारीख तय होते ही सरकार बताती है, और pmkisan.gov.in के पहले पन्ने पर भी लिखा आता है।
क्या पति और पत्नी दोनों को क़िस्त मिल सकती है?
नहीं। पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे एक परिवार हैं, और एक परिवार में पैसा एक ही व्यक्ति को मिलता है। दोनों ले रहे हों, तो जाँच में क़िस्त रुक सकती है और पैसा वापस भी लिया जा सकता है।
स्टेटस देखने के पैसे लगते हैं?
नहीं। pmkisan.gov.in पर स्टेटस मुफ़्त में देखा जाता है।
कोई फ़ोन पर क़िस्त दिलाने के नाम पर पैसे या OTP माँगे तो?
न दें। पीएम किसान की क़िस्त के लिए कोई फ़ीस नहीं लगती, और सरकार फ़ोन पर OTP नहीं माँगती। ऐसे लोग ठग होते हैं।
क्या यह सरकारी वेबसाइट है?
नहीं। किसान क़िस्त मेरी अपनी वेबसाइट है। आपके रिकॉर्ड सरकार के पास हैं, और उन्हें सिर्फ़ सरकार ही ठीक कर सकती है।
जानकारी का स्रोत: pmkisan.gov.in, पीआईबी (pib.gov.in), UIDAI (uidai.gov.in)