पीएम किसान स्टेट ट्रांसफ़र
संक्षेप में
- यह फ़ॉर्म उन किसानों के लिए है जिन्हें “राज्य या ज़िले का नहीं” बताकर अपात्र माना गया।
- यहाँ पते का मतलब आपकी खेती की ज़मीन की जगह है, घर का पता नहीं।
- अपने नाम की ज़मीन का कागज़ अपलोड करना ज़रूरी है।
- किसी और वजह (जैसे इनकम टैक्स) से अपात्र हुए हैं, तो यह फ़ॉर्म काम नहीं आएगा।
स्टेट ट्रांसफ़र असल में क्या है?
pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में State Transfer Request नाम का विकल्प है। इसे खोलने पर Address Correction Form खुलता है। नाम से लगता है कि यह घर बदलने वालों के लिए है, पर ऐसा नहीं है।
यह फ़ॉर्म उन किसानों के लिए है जिन्हें राज्य या ज़िले ने इस वजह से अपात्र (Ineligible) मान लिया कि “Beneficiary does not belong to our State/District”, यानी लाभार्थी हमारे राज्य या ज़िले का नहीं है। ऐसे किसान इस फ़ॉर्म से अपना पता ठीक कर सकते हैं।
पीएम किसान में “पता” का मतलब आपके घर का पता नहीं, बल्कि आपकी खेती की ज़मीन की जगह है। आप शहर या दूसरे राज्य में रहने चले गए हैं, पर ज़मीन गाँव में ही है, तो पीएम किसान में कुछ बदलने की ज़रूरत नहीं है।
किसे यह फ़ॉर्म भरना चाहिए
- स्टेटस में अपात्र लिखा है और वजह है कि आप उस राज्य या ज़िले के नहीं हैं।
- रजिस्ट्रेशन के समय गलत राज्य या ज़िला चुन लिया गया था, जबकि ज़मीन किसी और राज्य या ज़िले में है।
किसी और वजह से अपात्र हुए हैं (जैसे इनकम टैक्स, सरकारी नौकरी, ज़मीन की शर्त), तो यह फ़ॉर्म काम नहीं आएगा। तब शिकायत करें या कृषि कार्यालय जाएँ।
पता कैसे सुधारें
- pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में State Transfer Request पर दबाएँ।
- Registration Number या Aadhaar Number चुनें और नंबर डालें।
- कैप्चा भरें, Consent Given पर सही का निशान रहने दें, और Get OTP दबाएँ।
- OTP डालने के बाद अपनी खेती की ज़मीन का सही राज्य, ज़िला, तहसील और गाँव भरें।
- अपने नाम की खेती की ज़मीन का कागज़ (खतौनी, खसरा, जमाबंदी आदि) अपलोड करें और फ़ॉर्म जमा करें।
फ़ॉर्म की ज़रूरी बातें
फ़ॉर्म पर नीचे लिखी सूचना के मुताबिक:
- यहाँ पते का मतलब लाभार्थी की खेती की ज़मीन की जगह है।
- ज़मीन का कागज़ आपके अपने नाम का होना चाहिए, और उसे अपलोड करना ज़रूरी है।
- अगर अभी किसी क़िस्त का भुगतान चल रहा है (under process), तो पता बदलने में समय लगेगा। बदलाव उस क़िस्त के भुगतान के बाद ही होगा।
फ़ॉर्म जमा करने के बाद
- नया राज्य या ज़िला आपके ज़मीन के कागज़ जाँचता है।
- मंज़ूरी के बाद आपका रिकॉर्ड उस राज्य या ज़िले में चला जाता है।
- फिर लैंड सीडिंग, ई-केवाईसी और आधार–बैंक सीडिंग देख लें, ताकि अगली क़िस्त न रुके।
कुछ हफ़्तों बाद भी स्टेटस न बदले, तो नए ज़िले के कृषि कार्यालय में बात करें। ज़िले के अधिकारी का नंबर शिकायत वाले पेज पर बताए तरीके से मिल जाएगा।
आम सवाल
काम के लिए दूसरे राज्य में रहने चले गए हैं, क्या ट्रांसफ़र करना होगा?
नहीं। पीएम किसान ज़मीन के हिसाब से चलता है, आप कहाँ रहते हैं इससे नहीं। ज़मीन वहीं है, तो कुछ नहीं बदलना।
नई ज़मीन दूसरे राज्य में खरीदी है, क्या करूँ?
01-02-2019 के बाद नाम हुई ज़मीन वाले मामलों की सरकार अलग से जाँच करती है। ऐसे में पहले अपने कृषि कार्यालय से पूछ लें कि नई ज़मीन पर आप योग्य हैं या नहीं।
मोबाइल नंबर या बैंक खाता बदलना है, क्या इसी फ़ॉर्म से होगा?
नहीं। मोबाइल नंबर के लिए Update Mobile Number है (यहाँ तरीका देखें), और बैंक खाते के लिए आधार–बैंक सीडिंग देखें।
क्या यह सरकारी वेबसाइट है?
नहीं। किसान क़िस्त मेरी अपनी वेबसाइट है। आपके रिकॉर्ड सरकार के पास हैं, और उन्हें सिर्फ़ सरकार ही ठीक कर सकती है।
जानकारी का स्रोत: pmkisan.gov.in