पीएम किसान नया रजिस्ट्रेशन
संक्षेप में
- सिर्फ़ वे किसान परिवार आवेदन कर सकते हैं जिनके अपने नाम खेती की ज़मीन है। परिवार में एक ही व्यक्ति को पैसा मिलता है।
- इनकम टैक्स भरने वाले, सरकारी कर्मचारी, ₹10,000 या ज़्यादा पेंशन वाले, और प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर, वकील जैसे पेशेवर आवेदन नहीं कर सकते।
- आधार, आधार से जुड़ा मोबाइल, अपने नाम का बैंक खाता और ज़मीन के कागज़ चाहिए। कई राज्यों में फ़ार्मर आईडी भी।
- नाम ठीक वैसा लिखें जैसा आधार में है। नाम न मिलना आवेदन रद्द होने की सबसे आम वजह है।
नया रजिस्ट्रेशन क्या है?
पीएम किसान का पैसा पाने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन करना होता है। रजिस्ट्रेशन आप खुद सरकारी वेबसाइट pmkisan.gov.in पर कर सकते हैं, या जन सेवा केंद्र (CSC) से करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद राज्य सरकार आपके कागज़ जाँचती है, और जाँच पूरी होने पर क़िस्तें आने लगती हैं।
कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
- वे किसान परिवार जिनके नाम पर खेती की ज़मीन है।
- योजना में परिवार का मतलब है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। एक परिवार में पैसा एक ही व्यक्ति को मिलता है।
- ज़मीन आपके नाम होनी चाहिए। जिन मामलों में ज़मीन 01-02-2019 के बाद नाम हुई है, उनकी सरकार अलग से जाँच करती है।
ज़मीन कितनी है, इससे फ़र्क नहीं पड़ता। छोटे और बड़े, दोनों तरह के किसान परिवार आवेदन कर सकते हैं, अगर वे नीचे की अपात्र सूची में नहीं आते।
कौन आवेदन नहीं कर सकता (अपात्रता)
ज़मीन होने पर भी ये लोग योजना में नहीं आते:
- संस्थाओं (ट्रस्ट, कंपनी आदि) के नाम की ज़मीन।
- संवैधानिक पद पर रहे या मौजूदा लोग।
- मौजूदा या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, नगर निगम के मेयर और ज़िला पंचायत के अध्यक्ष।
- केंद्र या राज्य सरकार, सरकारी उपक्रम (PSU) और स्थानीय निकायों के मौजूदा या रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारी। मल्टी टास्किंग स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी और ग्रुप D कर्मचारी इसमें नहीं गिने जाते, यानी वे आवेदन कर सकते हैं।
- ₹10,000 या उससे ज़्यादा महीने की पेंशन पाने वाले रिटायर्ड लोग (मल्टी टास्किंग स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी और ग्रुप D को छोड़कर)।
- पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स भरने वाले।
- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट, जो अपने पेशे की संस्था में रजिस्टर हैं और काम कर रहे हैं।
अपात्र व्यक्ति पैसा ले ले, तो सरकार वह पैसा वापस ले सकती है। इसलिए आवेदन से पहले यह सूची ध्यान से देख लें।
ज़रूरी कागज़ (डॉक्यूमेंट्स)
- आधार कार्ड, क्योंकि रजिस्ट्रेशन आधार से ही शुरू होता है।
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, जिस पर OTP आता है।
- बैंक खाता, जो आपके अपने नाम का हो और आधार से जुड़ा हो। खाता नंबर और IFSC कोड पासबुक से देख लें।
- ज़मीन के कागज़, जैसे खतौनी, खसरा या जमाबंदी, जो भी आपके राज्य में चलता हो। फ़ॉर्म में इसकी फ़ाइल लगानी होती है।
- फ़ार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र), उन राज्यों में जहाँ फ़ार्मर रजिस्ट्री का काम शुरू हो गया है। वहाँ नए रजिस्ट्रेशन के लिए यह ज़रूरी है। फ़ार्मर आईडी कैसे बनाएँ
नया रजिस्ट्रेशन कैसे करें
- pmkisan.gov.in खोलें और Farmers Corner में New Farmer Registration पर दबाएँ।
- Enter Aadhaar No में आधार नंबर और Enter Mobile No में मोबाइल नंबर डालें।
- State में अपना राज्य चुनें, कैप्चा भरें और Get OTP दबाएँ।
- मोबाइल पर आया OTP डालें। आपका आधार UIDAI से जाँचा जाएगा। आधार की जाँच सफल होने पर ही आगे बढ़ सकते हैं।
- फ़ॉर्म में अपनी जानकारी, बैंक खाते की जानकारी और ज़मीन की जानकारी भरें, और ज़मीन के कागज़ की फ़ाइल लगाएँ।
- फ़ॉर्म सबमिट करें और मिलने वाला नंबर लिखकर रख लें।
फ़ॉर्म में नाम ठीक वैसा ही लिखें जैसा आधार में है। नाम का मेल न खाना आवेदन रद्द होने की सबसे आम वजह है।
CSC से रजिस्ट्रेशन
खुद फ़ॉर्म भरना मुश्किल लगे, तो अपने पास के जन सेवा केंद्र (CSC) से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। ऊपर बताए सभी कागज़ साथ ले जाएँ। CSC संचालक फ़ॉर्म भरेंगे और आधार की जाँच अंगूठे से भी हो सकती है। CSC पर इसकी थोड़ी फ़ीस लग सकती है। फ़ॉर्म जमा होने के बाद मिली रसीद या नंबर सँभालकर रखें।
रजिस्ट्रेशन में आम गलतियाँ
फ़ॉर्म भरते समय इन गलतियों से बचें। ज़्यादातर आवेदन इन्हीं की वजह से रद्द होते हैं या क़िस्त रुकती है:
- आधार, बैंक खाते और ज़मीन के कागज़ में नाम अलग-अलग लिखा होना। तीनों में नाम एक जैसा होना चाहिए।
- खाता नंबर या IFSC कोड गलत भरना। एक अंक की गलती से भी पैसा अटक जाता है, इसलिए पासबुक से मिलाकर भरें।
- दूसरे के नाम की ज़मीन पर आवेदन करना। ज़मीन पिता या किसी और के नाम हो, तो आप उस ज़मीन पर आवेदन नहीं कर सकते। पहले ज़मीन अपने नाम दर्ज होनी चाहिए।
- पति या पत्नी पहले से पैसा ले रहे हों, फिर भी परिवार से दूसरा आवेदन करना।
- ऐसा खाता देना जो आधार से DBT के लिए जुड़ा न हो। खाता वही दें जिसमें आधार सीडिंग हो चुकी हो। NPCI सीडिंग क्या है
आवेदन के बाद क्या होता है
- राज्य सरकार आपके कागज़ और ज़मीन का रिकॉर्ड जाँचती है।
- आवेदन की स्थिति pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में Status of Self Registered Farmer/ CSC Farmers से देख सकते हैं।
- गलती हो, तो Edit / Update Self Registration से सुधार सकते हैं।
- मंज़ूरी के बाद ई-केवाईसी करवाएँ, और देख लें कि लैंड सीडिंग और आधार–बैंक सीडिंग भी पूरी हों। तीनों पूरी हों तभी क़िस्त आती है।
- पैसा मिलने लगे, तो आपका नाम गाँव की लाभार्थी सूची में भी दिखता है।
आम सवाल
क्या पति और पत्नी दोनों आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। योजना में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे एक परिवार हैं, और एक परिवार में पैसा एक ही व्यक्ति को मिलता है।
जिनके नाम ज़मीन नहीं है, क्या वे आवेदन कर सकते हैं?
पीएम किसान ज़मीन वाले किसान परिवारों के लिए है। बटाई या किराये पर खेती करने वाले, जिनके नाम ज़मीन नहीं है, आमतौर पर इसमें नहीं आते।
रजिस्ट्रेशन के कितने दिन बाद पहली क़िस्त आती है?
कोई तय दिन नहीं है। राज्य की जाँच पूरी होने और ई-केवाईसी होने के बाद, आगे आने वाली क़िस्त से पैसा मिलता है।
आवेदन रद्द हो जाए तो?
स्टेटस में रद्द होने की वजह देखें। गलती ठीक की जा सकती है, जैसे नाम या बैंक की जानकारी, तो Edit / Update Self Registration से या ब्लॉक के कृषि कार्यालय में सुधार करवाएँ। आप योजना के नियमों में नहीं आते, तो दोबारा आवेदन न करें।
आवेदन के बाद स्टेटस कैसे देखें?
रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद अपना स्टेटस देखें।
क्या यह सरकारी वेबसाइट है?
नहीं। किसान क़िस्त मेरी अपनी वेबसाइट है। आपके रिकॉर्ड सरकार के पास हैं, और उन्हें सिर्फ़ सरकार ही ठीक कर सकती है।
जानकारी का स्रोत: pmkisan.gov.in, पीआईबी (pib.gov.in)