आधार–बैंक (NPCI) सीडिंग
संक्षेप में
- क़िस्त उसी बैंक खाते में आती है जिससे आपका आधार NPCI में DBT के लिए जुड़ा (सीड) है।
- खाते में आधार नंबर दर्ज होना काफ़ी नहीं। खाता NPCI में DBT के लिए चालू होना चाहिए।
- पैसा एक ही खाते में आता है: उसमें, जिसमें सबसे आख़िर में सीडिंग हुई।
- सीडिंग बैंक में, NPCI के BASE पोर्टल पर, या डाकघर (IPPB) से करवा सकते हैं।
आधार–बैंक (NPCI) सीडिंग क्या है?
पीएम किसान का पैसा सीधे बैंक खाते में (DBT) आधार के ज़रिए भेजा जाता है। इसके लिए आपका आधार किसी बैंक खाते से NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया) के रिकॉर्ड में जुड़ा होना चाहिए। इसी जोड़ने को आधार–बैंक सीडिंग या NPCI सीडिंग कहते हैं।
यह क़िस्त के लिए ज़रूरी तीन चीज़ों में से एक है। बाकी दो हैं ई-केवाईसी और लैंड सीडिंग।
बैंक में आधार की फ़ोटोकॉपी देना या खाते में आधार नंबर दर्ज होना, सीडिंग के बराबर नहीं है। खाता NPCI में DBT के लिए चालू होना चाहिए। कई किसानों का खाता बैंक में “आधार से जुड़ा” दिखता है, फिर भी पैसा फ़ेल हो जाता है।
सीडिंग हुई या नहीं, कैसे देखें
1. पीएम किसान स्टेटस में
स्टेटस खोलें और Eligibility Status में Aadhaar Bank Account Seeding Status देखें। Yes है, तो पीएम किसान के लिए सब ठीक है।
2. myAadhaar पर (किस बैंक से जुड़ा है)
आधार किस बैंक खाते से जुड़ा है, यह आधार की सरकारी वेबसाइट पर दिखता है। इससे पता चलता है कि पैसा किस बैंक में जाएगा।
- myaadhaar.uidai.gov.in खोलें।
- Check Bank Seeding Status पर दबाएँ। पुराने रूप वाले पेज पर इसका नाम Bank seeding status है।
- आधार नंबर और कैप्चा डालें, फिर आधार से जुड़े मोबाइल पर आया OTP भरकर लॉगिन करें।
- आपका आधार जिस बैंक से जुड़ा है, उसका नाम और सीडिंग की स्थिति दिखेगी।
यह तभी चलेगा जब आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हो। नहीं जुड़ा, तो बैंक में जाकर पूछें, या पहले आधार केंद्र पर मोबाइल नंबर जुड़वाएँ।
यह जानकारी NPCI के रिकॉर्ड से आती है। एक ही बैंक में आपके दो खाते हैं, तो कौन-सा जुड़ा है, यह बैंक से पूछें।
3. NPCI के BASE पोर्टल पर
NPCI का अपना पोर्टल BASE (base.npci.org.in) है। यह पोर्टल ऐसे खुलता है: npci.org.in पर Customers में Get Help, फिर Aadhar Seeding Status। इसके बाएँ मेन्यू में ये विकल्प हैं:
- Aadhaar Mapped Status में आधार और कैप्चा डालकर देख सकते हैं कि आधार किस बैंक से जुड़ा है।
- Aadhaar Seeding/Deseeding से घर बैठे सीडिंग की अर्ज़ी दे सकते हैं। इसका तरीका नीचे है।
- Request Status Check में रेफ़रेंस नंबर डालकर अपनी अर्ज़ी की स्थिति देख सकते हैं।
पोर्टल हिंदी समेत 13 भाषाओं में चलता है।
सीडिंग कैसे करवाएँ
अपने बैंक से
- आधार कार्ड, पासबुक और आधार से जुड़ा मोबाइल लेकर उस बैंक की शाखा जाएँ, जिस खाते में पैसा लेना है।
- आधार सीडिंग / DBT (NPCI) के लिए फ़ॉर्म माँगें। इसमें आप सहमति देते हैं कि सरकारी पैसा इस खाते में आए।
- फ़ॉर्म जमा करके रसीद लें।
- कुछ दिन बाद myAadhaar या पीएम किसान स्टेटस में देखें।
फ़ॉर्म का नाम हर बैंक में अलग होता है, जैसे “आधार लिंकिंग / सीडिंग का आवेदन” या “आधार सहमति फ़ॉर्म (DBT)”। बैंक में बस इतना कहें कि आधार को NPCI में DBT के लिए इस खाते से जोड़ना है।
घर बैठे NPCI के BASE पोर्टल से
- BASE पोर्टल पर Aadhaar Seeding/Deseeding खोलें।
- आधार नंबर डालें और Seeding चुनें।
- Select Your Bank में अपना बैंक चुनें। सूची में SBI, PNB, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक समेत करीब 195 बैंक हैं।
- खाता नंबर दो बार डालें, सहमति (consent) पर सही का निशान लगाएँ, कैप्चा भरें और जमा करें।
- आधार से जुड़े मोबाइल पर आए OTP से पुष्टि करें, और मिला रेफ़रेंस नंबर लिख लें।
अर्ज़ी आपके बैंक के पास जाती है, और सीडिंग बैंक ही करता है। बैंक किसी वजह से अर्ज़ी ठुकरा दे (जैसे नाम या KYC का मेल न हो), तो शाखा जाना पड़ेगा।
डाकघर के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) से
सरकार गाँव-गाँव में आधार सीडिंग के अभियान CSC और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ चलाती है। IPPB में:
- पास के डाकघर में, या IPPB के मोबाइल ऐप से, आधार सीडिंग की अर्ज़ी दे सकते हैं। पुष्टि अंगूठे या आधार OTP से होती है।
- डाकिए के ज़रिए घर पर ही IPPB खाता खुलवाया जा सकता है। इसके लिए IPPB के कॉल सेंटर 155299 पर बात करें।
- पीएम किसान का पैसा डाकिए से घर पर ही निकाला जा सकता है (आधार से, AePS के ज़रिए, एक दिन में ₹10,000 तक)। सरकार के मुताबिक डाकघर इसकी कोई फ़ीस नहीं लेता।
क़िस्त दूसरे खाते में क्यों जा रही है
NPCI के नियम के अनुसार एक समय पर आधार सिर्फ़ एक खाते से DBT के लिए जुड़ता है: वह जिसमें सबसे आख़िर में सीडिंग हुई। नई सीडिंग होते ही पुराना जोड़ हट जाता है, और सारा सरकारी पैसा (पीएम किसान, गैस सब्सिडी, पेंशन आदि) उसी एक खाते में आता है। मान लीजिए आपने पहले SBI में आधार जोड़ा और बाद में किसी दूसरे बैंक में, तो पैसा दूसरे बैंक में जाएगा।
- आपका आधारसरकार पैसा आधार नंबर पर भेजती है।
- NPCI मैपरयहाँ लिखा है कि आपका आधार किस बैंक से जुड़ा है।
- आख़िरी सीडिंग वाला खातापैसा सिर्फ़ इसी एक खाते में आता है। पुराने खाते में नहीं।
- पीएम किसान के स्टेटस में क़िस्त के आगे देखें कि पैसा किस बैंक में गया।
- पैसा उस खाते में चाहिए जिसमें अभी नहीं आ रहा, तो उसी बैंक में जाकर फिर से आधार सीडिंग करवाएँ।
- पुराना खाता बंद कर दिया है और आधार अभी भी उसी से जुड़ा है, तो पैसा फ़ेल होगा। नए खाते में सीडिंग करवाएँ।
सीडिंग फ़ेल होने की आम वजहें
| वजह | क्या करें |
|---|---|
| नाम का मेल नहीं | बैंक खाते का नाम आधार जैसा करवाएँ। नाम सुधार देखें। |
| खाता बंद या निष्क्रिय | बैंक में KYC करवाकर खाता चालू करवाएँ, या नए खाते में सीडिंग करवाएँ। |
| सहमति (consent) नहीं दी | बैंक में DBT वाला फ़ॉर्म भरकर सहमति दें। |
| बैंक का विलय हो गया | पुराने बैंक का खाता नए बैंक में चला गया हो, तो नए IFSC के साथ सीडिंग फिर से जाँचें। |
आम सवाल
सीडिंग होने में कितना समय लगता है?
सरकार ने कोई तय समय नहीं बताया है। आमतौर पर दो-तीन कामकाजी दिन लगते हैं। हफ़्ते भर बाद myAadhaar या BASE पोर्टल में देखें। पीएम किसान स्टेटस में Yes आने में थोड़ा और समय लग सकता है।
क़िस्त किन वजहों से सबसे ज़्यादा फ़ेल होती है?
सरकार के अनुसार पीएम किसान का भुगतान फ़ेल होने की मुख्य वजहें हैं: बैंक का NPCI से आधार हटा देना (डी-सीडिंग), आधार का खाते से न जुड़ा होना, और खाता बंद होना। 13वीं क़िस्त से भुगतान आधार के ज़रिए ही होता है, इसलिए सीडिंग के बिना क़िस्त नहीं आती।
क्या जन-धन खाते में पीएम किसान की क़िस्त आ सकती है?
हाँ। खाता आपके नाम का हो और आधार से DBT के लिए जुड़ा हो, तो कोई भी बचत खाता चलेगा।
पीएम किसान में बैंक खाता कैसे बदलें?
पैसा आधार से जुड़े खाते में आता है। इसलिए जिस खाते में पैसा चाहिए, उसी बैंक में आधार सीडिंग करवाएँ। बाकी काम NPCI के ज़रिए अपने आप होता है।
क्या यह सरकारी वेबसाइट है?
नहीं। किसान क़िस्त मेरी अपनी वेबसाइट है। आपके रिकॉर्ड सरकार के पास हैं, और उन्हें सिर्फ़ सरकार ही ठीक कर सकती है।
जानकारी का स्रोत: UIDAI (uidai.gov.in), NPCI (npci.org.in), पीआईबी (pib.gov.in), IPPB, pmkisan.gov.in